नकारात्मक विचारों का हमारी जिंदगी पर मन पर प्रभाव

नकारात्मक विचारों का हमारी जिंदगी पर मन पर प्रभाव



बुजुर्गों ने सही ही कहा है कि इंसान के जीवन पर उसकी सोच का गहरा असर होता है और जैसी जिसकी सोच होगी वैसा ही उसका जीवन होगा। इसी वजह से “थिंक पॉजिटिव यानी “सकारात्मक सोचिए| आजकल के ज़माने में हर एक मनुष्य अपने जीवन में नकारात्मक सोच से घिरा हुआ हैं। यह नकारात्मकता मनुष्य को अपनी योग्यता व क्षमताओं पर शक करने पर मजबूर कर देती हैं। इसी सोच के कारण वह अपने जीवन के अच्छे पलों को खत्म कर रहा है और यही सब चीज़े मनुष्य की प्रगति को रोक रही हैं। यदि आप भी इस दुविधा में है और चाहते है सोच को बदलना तो उसका कारण भी समझना जरुरी है ।

नकारात्मक विचारो का हमारी जिंदगी पर निम्न प्रभाव पड़ता है

समय दुरूपयोग :-

नकारात्मक सोच से हमारा कीमती समय बर्बाद होता है हम हमारे अपने महत्वपूर्ण समय का सही उपयोग नहीं कर पाते है |

स्वस्थ पर असर :-

नकारात्मक सोच हमारे स्वस्थ पर बहुत गहरा असर डालती है, तनाव वास्तव में स्वास्थ्य समस्याओं का कारण माना जाता है। सकारात्मक सोच हमारे तनाव के स्तर को सही तरीके से मैनेज करने और कम करने में मदद करता है।

मानसिक तनाव :-

किसी भी लड़ाई लड़ने के लिए इंसान का स्वस्थ रहना बहुत जरुरी है | नकारत्मक सोच हमे मानसिक रूप से बीमार करती है धीरे-धीरे हम खुद को अकेला समझने लगते है इसलिए सकारात्मक सोच रखे |

बनता काम बिगड़ना :-

हमारी सोच अगर नकारत्मक होती है तो हम कभी भी कोई निर्णय नहीं ले पाते है और हमारा कीमती समय निकल जाता है और हमारा काम बिगड़ जाता है |कभी-कभी हमारी सोच और हमारा गुस्सा हमारे अच्छे भले काम को बिगड़ देता है जिसे लेकर हम बाद में पछताते है |

बीमारियों का घर :-

75% बीमारियों का मूल कारण नकारात्मक सोच (Negative thinking ) से उत्पन्न होने वाली ऊर्जा ही होती है। ये नकारात्मक सोच कभ- कभी किसी की मौत का कारण भी बन सकती है। नकारात्मक सोच अत्यधिक चिंता, थकान और तनाव की वजह से आती है। कभी-कभी नकारात्मक सोच की वजह हम खुद भी होते हैं, नकारत्मक सोच से बीमारिया हमें घेर लेती है जिससे शरीर कमजोर पड़ जाता है |

सकारात्मक विचारो से दुरी हो जाना :-

सकारात्मक सोच तब होती है जब आप सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ चुनौतियों का सामना करते हैं। यदि आप एक सकारात्मक सोच वाले व्यक्ति हैं तो आप जानते हैं कि जीवन में नकारात्मक परिस्थितियों का सामना कैसे किया जाए। जीवन बाधाओं और चुनौतियों से भरा है, लेकिन अगर आप अपनी मानसिकता को बदल सकते हैं और अधिक सकारात्मक बन सकते हैं |

कुछ बातो पर विचार करते है जिससे हम नकारात्मक बिचारो को खुद से दूर कर सकते है |

नकारात्मक सोच के व्यक्तियों से दूर रहे :-

ऐसे लोग जो नकारात्मक सोच रखते है, उनके साथ रहना आपकी सोच पर गहरा प्रभाव डाल सकता हैं। ऐसे लोग negative vibes देते है और यदि आप ऐसे लोगो के साथ रहेंगे तो आपके लिए अपनी सोच बदलना बहुत ही मुश्किल हो सकता हैं। अपने नज़रिया को बदलने के लिए आपको नकारात्मक सोच वाले लोगो से दूरी बनाए रखनी होगी व आपको अच्छे दोस्त बनाने होंगे जिनसे आपको positive vibes मिले।

योग और प्राणायाम को अपने जीवन का हिस्सा बनायें :-

यह ज़रूरी नहीं हैं की योग और प्राणायाम हमेशा आपकी शारीरिक स्वास्थ्य का ही विकास करता हैं | इससे आपका मानसिक विकास भी होता हैं। हर दिन केवल 30 मिनट योग व प्राणायाम करने से आप खुद अपने अंदर change महसूस करेंगे। इससे आपका mood खुश रहेगा और मानसिक संतोष बना रहेगा।

किसी की मदद करो :-

दुसरो की मदद करके हमें जो आनंद का अनुभव होता है उसकी सीमा आपार है | अपने व्यक्तित्व में किसी जरूरत मंद की मदद को शामिल करे आपको अच्छा लगेगा, इससे आपको संतुष्टि भी होगी आपको भगवान ने क्या दिया है और उस चीज को किसे देना भूल गया है उसका भी अनुभव होगा | कोशिश करे जब आपको मौका मिले आप किसी ना किसी जरूरत मंद की मदद करे इससे आपको अच्छा लगेगा |

मुस्कुराओ :-

मुस्कुना हर दर्द की दवा है |खुद को एक दर्पण के सामने ले जाए और खुद को मुस्कुराने के लिए मजबूर करे । यह वास्तव में आपके मूड को बदलने और तनाव को दूर करने में मदद करता है। पॉजिटिव सोच रखने वाले लोग खुश रहते हैं और खुश रहना एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

स्वस्थ शरीर :-

मन स्वस्थ तो तन स्वस्थ ये बात बिल्कुल सच है। अपने शरीर को स्वस्थ रखे और हर क्रियाकल्प में उसे व्यस्त रखे ताकि कोई गलत ख्याल आपके मन में आ नहीं पाए|विशेषज्ञों ने भी अपने शोध में साबित किया है कि अगर व्यक्ति जीवन में सकारात्मक सोच रखता है तो स्वस्थ और लंबा जीवन जी सकता है। पॉजिटिव सोच रखने वाले लोग खुश रहते हैं और खुश रहना एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।


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