सफलता के मूलमंत्र - सफलता के रस्ते में मदद करते है

सफलता के मूलमंत्र - सफलता के रस्ते में मदद करते है

  

सफलता की भूख हम सभी के अंदर होती है| आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिंदगी में सफल होने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है | हम सभी चाहते है की हम अपनी जिंदगी में ऐसा मुकाम हासिल कर ले जहा से पूरी दुनिया हमें जानने लगे जब कोई कार्य करना हम शुरू करते है, हम सभी चाहते है की उस कार्य में सफल हो जाए परन्तु कार्य की समय अवधि में हमें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है |कभी-कभी हम परेशानियों से ही हार जाते है और प्रयत्न करना छोड़ देते है |असफलता के लिए कई कारण होते है परन्तु सफलता के लिए एक मूलमंत्र ही काफी है |

निम्नलिखित कुछ बिंदु हमें सफलता के रस्ते में मदद करते है |

जोश की कमी :- जब भी हम कोई कार्य की शुरुआत करते है तब हम हमारे पुरे जोश के साथ वह कार्य करना शुरू करते है परन्तु जैसे ही समय निकलता जाता है हमारा जोश काम हो जाता है और वही से धीरे-धीरे हमारी परेशानिया शुरू हो जाती है | हमारी एक कमी से ही हम हमारी परेशानियों को जनम देते है | हमारा दिमाग में जैसे ही आशा की कमी होती जाएगी वैसे ही निराशा की वृद्धि होती जाएगी इसलिए हमेशा जब हम कोई कार्य जिस उत्साह से शुरू करते है कोशिश करे वह उत्साह कार्य के अंत तक कायम रखे |

ध्यान केन्द्रीकरण में कमी :- हमारे दिमाग में एक समय में कई सारी चीजे चलती रहती है |किसी कार्य में सफलता पाने के लिए केन्द्रीकरण बहुत जरुरी होता है |जिस कार्य को आप जितनी ज्यादा बार दिमाग को याद दिलाओगे दिमाग उस कार्य पर ध्यान केंद्रित करेगा |क्युकी हमारे दिमाग को पता होता है कार्य कितना महत्वपूर्ण है फिर भी उसे बार-बार याद दिलाने की जरूरत होती है |जैसे की COCA-COLA हमारे यहा बहुत चर्चित कम्पनी है सॉफ्ट-ड्रिंक में परन्तु फिर भी वह कम्पनी हर साल करोड़ो रूपए खर्च करती है विज्ञापन में क्युकी उसे पता है मानव दिमाग को याद दिलाना बहुत जरुरी है |

मेहनत में आलस करना :- हमारा दिमाग और हम किसी भी चीज का इंतज़ार नहीं करते है हम यही चाहते है हमे जो चाहिए वो हमें कम मेहनत किए जल्दी से जल्दी मिल जाए इसलिए जब हम कोई काम करना शरू करते है तो यही उम्मीद लगते है परन्तु सच्चाई यह है की किसी भी सफलता के लिए उम्मीद से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है कार्य की शुरुआत में हम बहुत मेहनत करते है परन्तु जैसे-जैसे समय निकलता है हमें आलस आने लगता है |

समय अवधि :- किसी भी सफलता के लिए एक मूलमंत्र है समय अवधी |अगर हम हमारे कार्य को पूरी लगन के साथ निश्चित समय अवधी को ध्यान में रख कर करते हो तो आपकी सफलता निश्चित है | सफलता हमारे मन की ख़ुशी है, अगर हम समय का दुरूपयोग करते हुए कार्य करेंगे तो हम कभी सफल नहीं हो पाएंगे |

सकारात्मक सोच :- यह जरुरी नहीं है की हमेशा हमारे साथ अच्छा ही हो कभी हमारा अच्छा समय आता है तो कभी बुरा, कभी सुख तो कभी दुःख | हमें कोई भी परिस्थिति में संयम नहीं खोना चाहिए और विवेक से काम लेना चाहिए |इसलिए हमेशा सकारात्मक सोचे, नकारात्मक सोच से हम परेशान रहने लगते है स्वाभाव भी चिड़चिड़ा हो जाता है इस स्थिति में आप कोई निर्णय नहीं ले पाते है और इससे अच्छा काम भी बिगड़ सकता है |

आत्मविश्वास :- सफलता के लिए आत्मविश्वास का होना तो बहुत जरुरी है क्युकी हर इंसान आपका साथ छोड़ देता है परन्तु अगर आपको विश्वास है तो फिर आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता | अपनी मेहनत पर विश्वास अगर हमें ही नहीं है तो किसी को नहीं हो सकता |कार्य कितना भी मुश्किल हो खुद की मेहनत पर विश्वास करे और सफलता के बाद की ख़ुशी को याद रखे |

रूचि रखे :- कोई भी काम अपने शुरू किया है - समय अवधी भी बना ली, मेहनत भी कर रहे हो, जोश भी है पूरा, खुद की मेहनत पर विश्वास भी है, इन सबके वावजूद अगर आपको वह काम में रूचि ही नहीं है या आप जबरदस्ती कर रहे हो क्युकी वो जरुरी है किसी और के लिए या किसी को साबित करके दिखाना है या और कोई भी कारण हो |आप तब तक सफल नहीं हो सकते जब तक आपको पुरे मन से वह कार्य करना ही नहीं हो |


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