वह कौन सी आदतें हैं जो आपको सफल बनाती हैं

वह कौन सी आदतें हैं जो आपको सफल बनाती हैं

  

नमस्कार मित्रों ! आशा है आप सब बिल्कुल ठीक हैं और कुछ नया पढ़ने के लिए लालायित है। आपकी इसी चाहत को ध्यान में रखते हुए हम आपके लिए एक बेहद उपयोगी लेख लेकर आए हैं।आज के लेख का शीर्षक तो आपने पढ़ लिया होगा। हो सकता है आप यह सोच रहे होंगे कि भला आदतें हमें कैसे सफल बना सकती हैं ?

सफलता तो दिन - रात के कड़े परिश्रम, मजबूत हौसले, जज्बे और कुछ हद तक किस्मत पर निर्भर है। जी हाँ मित्रों! सफलता के लिए हमारी परिभाषा अक्सर इन्हीं गुणों पर निर्भर रहती है। पर इनके बीच हम एक बहुत जरूरी पहलू को भूल जाते हैं, और वह है हमारी आदतें!

मित्रों, आदतें ही हमारे चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करती हैं और हमारा व्यक्तित्व ही हमें सफल या असफल बनाता है। स्वाभाविक सी बात है कि हमारी आदतें अच्छी और उत्तम होंगी तो हमारा व्यक्तित्व भी उसी प्रकार का होगा। और यदि व्यक्तिव उत्तम हुआ तो सफलता अवश्य मिलेगी। देखा आपने! आदतों और सफलता के बीच के ताने - बाने को। अब आइये जरा इन आदतों पर चर्चा करें।

मित्रों, हमारा जीवन कई सारी आदतों से भरा होता है। कुछ आदतें अच्छी, तो कुछ आदतें बुरी। अच्छी आदतें हमारे विकास में सहायक होती हैं और लाभदायक होती हैं। लेकिन वहीं यदि हमें कोई बुरी आदत लग जाए, तो यह न सिर्फ़ हमारे विकास में बाधा बनती है बल्कि इससे हमारे अन्य गुणों का भी ह्वास होता है।

ऐसे में बुरी आदतों को छोड़ना और अच्छी आदतों को जीवन में स्थान देना कितना आवश्यक है यह तो आप भली-भांति जानते हैं। आज का लेख भी ऐसी ही आदतों के बारे में चर्चा करता है। यह वह आदतें हैं जो आप को सफल बनाने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। यह आदतें न सिर्फ सफलता के प्रति आपका नजरिया बदलेंगी, बल्कि आपके संपूर्ण विकास में भी बहुत बड़ा योगदान देंगी।

इसके साथ ही इस लेख को पढ़ने के बाद आप यह जानेंगे कि आज तक वह कौन सी आदतें हैं जो आपकी सफलता और आप के विकास में बाधा बनी हुई थी। एक बार आपने यह जान लिया तो फिर इन बुरी आदतों को अच्छी आदतों में बदल कर आप अपने लिए सफलता के रास्तों को खोल सकते हैं।

तो देर किस बात की?
आइए हम और आप मिलकर इस लेख में आगे बढ़े और जानें कि वह कौन सी आदते हैं जो आपको असफल से सफल, दुखी से सुखी, और असमृद्ध से समृद्ध बना सकती हैं।

अच्छी सामाजिक छवि / सामाजिक दायरा :

मित्रों, हम सभी समाज में रहते हैं। समाज न सिर्फ हमारे जीवन का अभिन्न अंग है, बल्कि हमारी सफलता में भी यह योगदान दे सकता है। अच्छी सामाजिक छवि अथवा वृहत सामाजिक दायरा आपको कई सारे लाभ दिला सकता है।

जानना चाहते हैं कैसे?

चलिए इसे एक उदाहरण के माध्यम से समझते हैं। कल्पना करें कि आपने कोई व्यवसाय शुरू किया है। यह व्यवसाय किसी वस्तु के उत्पादन, अथवा कोई सेवा देने से संबंधित हो सकता है ।
व्यवसाय के फलने फूलने के लिए आवश्यक है कि वह लोगों के बीच प्रसिद्ध हो और उसके उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ती रहे। अपने उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ाने के लिए आप क्या करेंगे?

कोई भी व्यवसाय लाभ कमाने के लिए अपना प्रचार - प्रसार करता है। उपभोक्ता व्यवसाय द्वारा दी गई सेवाओं को जाँचते - परखते हैं और यदि वह सेवाएं उन्हें पसंद आती हैं, तो वह बार-बार उन सेवाओं को प्राप्त करने की इच्छा ज़ाहिर करते हैं।

किंतु यदि एक व्यवसाई के रूप में आपका व्यवहार आपके उपभोक्ताओं के साथ अच्छा न रहे, तो क्या कोई भी उपभोक्ता दोबारा आपके पास आना चाहेगा?

बिल्कुल नहीं। इसके साथ ही यदि पहले से ही आपने समाज में अपनी छवि खराब बना कर रखी है तो यह आपके व्यवसाय के लिए एक नकारात्मक बिंदु साबित हो सकता है।

दुनिया के सबसे अमीर आदमी जैफ बेजॉस की कंपनी अमेजॉन यदि अपने उपभोक्ताओं के साथ बुरा व्यवहार शुरू कर दे, तो क्या वह उतने लाभ कमा पाएगी जितना वह आज कमा रही है?

अमेजॉन कंपनी का लाभ उसके उपभोक्ताओं पर निर्भर करता है। इसीलिए यह अत्यधिक आवश्यक है कि यह कंपनी उपभोक्ताओं के बीच अपनी अच्छी छवि बना कर रखे। यह तो बात थी केवल व्यवसाय की। इसके अलावा भी आप जो कुछ भी करना चाहते हो, उसमें समाज का बहुत बड़ा योगदान है।

एक व्यक्ति जो लोगों द्वारा पसंद किया जाता है, लोगों के बीच प्रसिद्ध है, उस व्यक्ति के पास अपने इस सामाजिक दायरे के कई लाभ होते हैं। व्यक्ति लोगों के बीच अपनी इस प्रसिद्धि से अपने व्यवसास को बढ़ा सकता है या किसी भी प्रकार की मदद आसानी से प्राप्त कर सकता है।

इसके विपरीत यदि आपकी सामाजिक छवि अच्छी नहीं होगी तो कदम - कदम पर आपको मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। यही कारण है कि बड़ी-बड़ी कंपनियां और बड़े-बड़े व्यवसाय अपने उपभोक्ताओं की जरूरतों का बारीकी से ख्याल रखते हैं और हमेशा उन्हें खुश रखने की कोशिश करते हैं।

✴ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता :

मित्रों, स्वास्थ्य और सफलता का आपस में बहुत गहरा संबंध है। परिश्रम, जज्बा, समय प्रबंधन के अलावा स्वास्थ्य की भूमिका आपकी सफलता में बहुत बड़ी है।
विश्व विख्यात वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा था, "बिना स्वास्थ्य के जीवन जीवन नहीं होता, बल्कि यह दुख और आलस्य की खान होता है।"

उनका यह कथन शत प्रतिशत सत्य है। सफल होने के लिए अति आवश्यक है कि आप शारीरिक और मानसिक रूप से बिल्कुल तंदुरुस्त रहें, ताकि आप जो भी करें वह मन लगाकर कर सके और आपके द्वारा किया गया कार्य आपका सर्वोत्तम प्रदर्शन हो।

यह बिना स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के कभी भी संभव नहीं है। कल्पना कीजिए कि आपने किसी लक्ष्य को निर्धारित किया है और उस तक पहुंचने के लिए आप दिन - रात मेहनत कर रहे हैं।लेकिन इस प्रक्रिया में यदि आपके शरीर ने आपका साथ नहीं दिया तो क्या आप परिश्रम करने में सक्षम हो पाएंगे?

यदि आपको किसी बीमारी ने घेर लिया तो आपकी सारी योजनाएं धरी की धरी रह जाएंगी। स्वास्थ्य ही धन प्राप्ति का मार्ग है। चाहे आप कितनी भी योजनाएं बना ले, चाहे आप कितना भी परिश्रम करने का ठान लें, किंतु यदि आप के शरीर में पर्याप्त शक्ति नहीं होगी तो आप अपने लक्ष्य को पूरा कर नहीं पाएंगे। इसीलिए यह बहुत आवश्यक है कि आप स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहें। दुनिया के सभी सफलतम व्यक्तियों ने इस बात का जिक्र किया है कि वह अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी जागरूक रहते हैं।

अच्छा स्वास्थ्य केवल परिश्रम करने की क्षमता ही नहीं देता, बल्कि यह आपको अधिक उत्पादक और सकारात्मक बनाता है। यही कारण है कि स्वस्थ व्यक्ति हमेशा आशावादी और उत्पादक नजर आते हैं। वहीं दूसरी तरफ यदि कोई व्यक्ति बीमार हो तो स्वाभाविक सी बात है कि उसका मन आलस्य, नकारात्मकता से भरा हुआ होगा।

आप खुद ही सोचें, जब आप बीमार होते हैं तब कुछ भी करने का आपका मन नहीं होता। शरीर के साथ-साथ मानसिक रूप से भी आप थका हुआ महसूस करते हैं। ऐसे में मेहनत करने का विचार पूर्ण नहीं हो सकता। आपने देखा होगा तंदुरुस्त व्यक्ति दिन भर ऊर्जावान रहते हैं और उनकी कार्य करने की क्षमता भी कहीं अधिक होती है।

यही कारण है कि स्वास्थ्य आपकी सफलता में एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आशा है आप स्वास्थ्य के और सफलता के ताने बाने को समझ गए होंगे और आज से ही अपने स्वास्थ्य की तरफ जागरूक होना शुरू कर देंगे।

✴ समय प्रबंधन :

यह वह गुण है जो आपकी सफलता में निर्णायक भूमिका अदा करती है। जी हां !

कहते हैं न, समय सबसे बलवान होता है और जिसने इस समय को अपनी मुट्ठी में कर लिया भला उसे सफल होने से कौन रोक सकता है।

मित्रों, जरा अपने आसपास देखिए और अवलोकन करें कि ज्यादातर व्यक्ति अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में असफल क्यों रह जाते हैं।

वह क्या कारण हैं, जिनके चलते सफलता का उनका सपना अधूरा रह जाता है। बेशक हर व्यक्ति के लिए यह कारक अलग-अलग होंगे। किंतु एक बात जो लगभग सभी लोगों में एक जैसी है, वह है समय नष्ट करने की आदत। यदि एक विद्यार्थी समय नष्ट करें, तो उसका शैक्षिक प्रदर्शन खराब हो जाएगा, अर्थात परीक्षा में अच्छे अंक नहीं आएंगे।

यदि एक नौकरी पेशा युवा दफ्तर के कामों को समय पर नहीं निपटाए तो उसकी नौकरी पर आफत बन आती है। दफ्तर में ना तो उसकी छवि अच्छी होती है और प्रमोशन का विचार तो छोड़ ही दीजिए। वहीं दूसरी तरफ हर एक मिनट का सदुपयोग करने वाला व्यक्ति ना सिर्फ प्रमोशन पाता है बल्कि हर मामले में तरक्की करता है।

इसी प्रकार यदि एक दुकानदार घर पर बैठकर अपना समय नष्ट करता रहे, तो दुकान से आने वाली उसकी आय में भारी कमी होती है और क्या ऐसा व्यवसायी अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है?

बिल्कुल नहीं !

सालों बाद भी उसकी स्थिति एक जैसी ही रह जाएगी।

यह कई अलग - अलग उदाहरण हैं, लेकिन इन सब में एक बात सामान्य है : वह है समय नष्ट करना।

मित्रों, समय प्रबंधन हर व्यक्ति के जीवन में अति आवश्यक गुण है। यही कारण है कि आज दुनिया में जितने भी सफल व्यक्ति हैं उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों में छोटे-मोटे काम करने के साथ-साथ अपने लक्ष्य के प्रति परिश्रम भी जारी रखा।

यदि वह समय प्रबंधन नहीं करते तो आज वे इस मुकाम पर नहीं होते। रोजमर्रा की जिंदगी में हमारे ऊपर कई सारी जिम्मेदारियां होती हैं। यदि उन जिम्मेदारियों का हवाला देकर हम यह कहने लगे कि हमारे पास वक्त नहीं है तो ऐसे में हम कभी सफल नहीं हो सकते। हमें दिन के उन्हीं 24 घंटों को प्रबंधन के द्वारा उपयोगी बनाना होगा।

तो अब बात आती है कि समय प्रबंधन कैसे किया जाए?

इसके लिए आपको बस छोटे-छोटे उपाय करने होंगे। अपनी दिनचर्या पहले से तय रखे। दिन में आप क्या-क्या काम करना चाहते हैं, उसकी एक सूची तैयार करें और साथ ही हर काम के लिए एक समय निर्धारित करें।

इसके साथ ही खुद को आदेश देकर एक डेडलाइन सेट करें और निश्चय करें कि आप उस काम को उस डेडलाइन के अंदर ही समाप्त कर लेंगे।

इसके अलावा खाली वक्त में यहां वहां समय बिल्कुल नष्ट ना करें, बल्कि यह देखें कि उस खाली वक्त में ऐसे क्या काम हैं जो आपको निपटा लेने चाहिए और सबसे महत्वपूर्ण, दूरदर्शिता सीखें।
लंबे समय में आपके लिए क्या लाभकारी है, यह सोच कर अपने दिन के सभी कार्यों का निर्धारण करें।

✴ जोखिम उठाने का साहस :

जोखिम, जिसे हम रिस्क भी कहते हैं, इसका नाम सुनकर ही कई लोग डर जाते हैं। स्वाभाविक सी बात है, मानव की प्रकृति ही यही है कि वह सदैव अपने सुविधा क्षेत्र, अर्थात कंफर्ट जोन में रहना चाहता है।

आप ही बताइए क्या आप चादर ओढ़ कर आराम से टीवी देखते - देखते पकौड़े खाना पसंद करेंगे, या फिर बाहर धूप में जाकर काम करना पसंद करेंगे?

आपका मन सबसे पहले चादर में मजे से पकौड़े खाने का करेगा। है न?

क्योंकि इसमें आराम है और आराम ही हमारे लिए सुख है। इसी प्रवृत्ति का हिस्सा है रिस्क ना लेने की इच्छा।

रिस्क लेने का अर्थ है कि सफलता और असफलता दोनों के आसार हैं। या तो आप सफल होंगे या फिर आपकी सारी मेहनत बेकार जाएगी। इसीलिए हम में से कई कुछ नया करने से पहले सौ बार सोचते हैं और हर बार हमारा ध्यान नकारात्मक पहलू पर ही जाता है।

हम इस बात से डर जाते हैं कि यदि हमें असफलता हाथ लगी तो सारे प्रयासों पर पानी फिर जाएगा। यही हम सबसे बड़ी गलती कर बैठते हैं।

चाहे आज दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति जैफ बेजॉस हो, या फिर बिल गेट्स या एलोन मस्क हो, इनका नाम पूरी दुनिया में स्वर्णिम अक्षरों में इसीलिए लिखा गया है क्योंकि उन्होंनें जोखिम उठाने का साहस दिखाया और असफलता से डरे नहीं।

मित्रों, हम बहुत बड़ी बात भूल जाते हैं कि यदि हम आज जोखिम उठाते हैं तो भले ही असफलता के आसार हैं, किंतु यदि हमें सफलता मिल गई तो सोचिए जिंदगी कितनी बदल जाएगी। रिस्क लेने से डरने का अर्थ है एक कदम भी आगे ना बढ़ाना। अपने कंफर्ट जोन में रहकर आप कभी सफल नहीं हो सकते। इसीलिए यदि आपने रिस्क लेने की आदत को अपनी आदतों में शुमार कर दिया तो बेशक एक दिन आप सफलता की ऊंचाइयों को छू लेंगे।

निष्कर्ष :
तो मित्रों, कैसा लगा आपको आज का लेख? हमें पूरा विश्वास है कि आज का यह लेख आपके लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होने वाला है। इस लेख के माध्यम से न सिर्फ आपने यह जाना कि वह कौन सी आदतें हैं जो आप को सफल बना सकती हैं, बल्कि आप यह भी समझ गए होंगे कि आज तक आप की गलत आदतों का आचरण कर रहे थे और कहां सुधार लाने की आवश्यकता है।

इन आदतों को अपने जीवन में शामिल करने के लिए किसी खास दिन का इंतजार मत करिए। जी हाँ! एक पल भी गवाए बिना आज से ही, बल्कि अभी से ही इन आदतों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं ताकि सफलता पाने में अब और देर ना हो।

आज के लेख में चर्चा की गई आदतों के अलावा यदि ऐसा कोई गुण है जो आपकी सफलता में चार चांद लगा सकता है, तो उसे हमारे साथ साझा करना बिल्कुल ना भूलें। इसके साथ ही यदि आप कोई टिप्पणी करना चाहते हैं, तो खुलकर लिख दें। हमें आपकी टिप्पणियों का इंतजार रहेगा।


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