भुत और भविष्य की चिंता किये बिना वर्तमान में कैसे जिये

भुत और भविष्य की चिंता किये बिना वर्तमान में कैसे जिये

  

हम में से कई लोगो की यह आदत होती है कि वे पुरानी बातो को याद करके दुखी होते है और भविष्य की चिंता करते है। इन दोनों कारणों से ही हम परेशान रहते है। जिसका परिणाम यह होता है कि हम अपने वर्तमान को भी सही तरह से नहीं जी पाते है। यदि हम कुछ बातो का ध्यान रखे तो हम अपने भुत और भविष्य के बारे में न सोचकर वर्तमान को ठीक प्रकार से जी सकते है।

1) पुरानी बातो को स्वीकार करे :-

बिता हुआ समय या अतीत कभी लौट कर नहीं आता है। ये एक ऐसी चीज है जिसे हम कभी भी बदल नहीं सकते। हमारा दिमाग सबसे अधिक पुरानी बातो को ही याद करता है। बीती हुई किसी भी बात का पछतावा करने का कोई अर्थ नहीं होता है।

बस इस बात को ध्यान रखे कि पुरानी गलतियों से सीख ले और उन्हें कभी भी नहीं दोहराये। यदि हमें अपने आज को सुधारना है तो पुरानी बातो को भूल जाना चाहिए और वर्तमान में ही जीवन व्यतीत करना चाहिए।

2) हमेशा सकरात्मक रहे :-

बीते हुए कल की कई बुरी यादे जहाँ हमें निराश और दुखी करती है वहीँ बीते हुए अच्छे पलो को याद करके भी हम दुखी होते है। इसका सीधा प्रभाव हमारे आज के जीवन पर पड़ता है। हम नकरात्मक हो जाते है और अपने वर्तमान में भी वही गलती करने लगते है जो हमने पहले की थी।

नकरात्मक लोगो और नकरात्मक बातो से हमेशा अपने आप को दूर रखे। आप अपने आप को सौभाग्यशाली माने कि भगवान ने आपको आज का दिन देखने का मौका दिया। इसलिए अपने वर्तमान पर ध्यान दे और चेहरे पर हमेशा मुस्कराहट रख कर और सकरात्मक रहकर अपना जीवन जिये।

3) हर पल को जिये:-

जीवन के हर पल का आनंद लेना सीखे। हमेशा खुश रहे और अपने आस पास के लोगो को भी खुश रखने का प्रयास करे। जो लोग आज आप के लिए जी रहे है आप उन लोगो के बारे में भी सोचे। ऐसा सोच कर जिये कि यह पल जीवन का आखरी पल है। अपना आत्मविश्वास बनाये रखे।

अपने किसी भी काम के लिए स्वयं को दोषी नहीं ठहराए और न ही किसी बात का पछतावा करे। सबसे खुश होकर और मुस्कुरा कर मिले। इससे आप पुरानी बातो को याद भी नहीं करेंगे और भविष्य के बारे में सोचकर चिंतित भी नहीं रहेंगे।

4) भविष्य की चिंता नहीं करे :-

बीती हुई बातो की तरह लोग भविष्य की चिंता में भी परेशान रहते है। याद रखे कल कभी नहीं आता है और कल को किसी ने भी नहीं देखा है। जो आज है वही सब कुछ है। यदि इस बात को आप ध्यान में रखेंगे तो भविष्य के बारे में सोचकर परेशान होने से बच जायेंगे।

भविष्य के लिए आप योजनाए जरूर बनाये लेकिन चिंता नहीं करे अन्यथा आप का आज भी अच्छा नहीं होगा और आने वाले समय में आप आज के इस पल को भी याद करके दुखी और परेशान होंगे।

5) समय के साथ अपने आप को बदले :-

परिवर्तन प्रकृति का नियम है। इस बात को हमेशा अपने दिमाग में रखे। आज आपके पास जो कुछ भी है वह पहले आप के पास नहीं था। समय के साथ बहुत कुछ बदल जाता है।

यदि हम अपने आप को समय के साथ नहीं बदलेंगे या आपने आप को अपडेट नहीं रखेंगे तो हम अन्य लोगो से बहुत पीछे रह जायेंगे। अतीत में आप के साथ यदि कुछ बुरा हुआ है तो कुछ अच्छा भी हुआ होगा। इसलिए सभी अच्छी बातो को भी याद रखे।

6) अपना ध्यान रखे:-

आप अपना ध्यान रखे। अपने स्वास्थ के प्रति सचेत रहे। अपने दोस्तों और परिवार के बारे में भी सोचे। अपनी पसंद की चीजे ख़रीदे। अपने पसंद के कपडे पहने। अपने उन सभी शौक पुरे करने की कोशिश करे जिन्हे आप पहले पूरा नहीं कर पाए। इससे आपका मन खुश रहेगा और इससे आप अतीत और भविष्य में जीना छोड़कर वर्तमान में जीना सीख जायेंगे।

7) अपने आप को मोटीवेट रखे :-

आप प्रेरणादायक किताबे या पत्रिकाएं पढ़ कर भी अपने आप को मोटीवेट कर सकते है। आप ही ऐसे अकेले व्यक्ति नहीं है जो अपने बीते हुए कल को याद करके दुखी और उदास होते है। यदि आप ध्यान से देखे तो आप को ऐसे कई लोग मिल जायेंगे जिन्होंने अपने जीवन में आप से भी अधिक संघर्ष किया।

ऐसे कई लोग है जिनका दुःख आप के दुःख से भी बड़ा है। फिर भी वे आप से अधिक खुश और सुखी है। इसी प्रकार आप के सामने ऐसी लोगो के उदाहरण भी होंगे जो भविष्य के लिए बहुत चिंतित रहते थे लेकिन अंत में उन्हें कुछ भी हासिल नहीं हुआ। ऐसे लोगो से प्रेरणा ले और अपने आज में सुखी रहे।

8) अपने आप को बिजी रखे:-

आप अपने आप को हमेशा व्यस्त रखने की कोशिश करे। आप जितने अधिक फ्री रहेंगे आपके दिमाग को चिंता और दुखी रहने का उतना अधिक समय मिलेगा। इसलिये आप ऐसा कोई काम करे जिसे करने में आपको आनंद आये और आप बिना किसी तनाव के उस काम को एन्जॉय कर सके।

अपने परिवार के साथ समय व्यतीत करे। कहीं घूमने जाए। नई जगह देखे और नई बाते सीखते रहे। अपने आप को अनुशासित रखे और ईर्ष्या और द्वेष की भावना को कभी भी मन में नहीं आने दे। आप बिजी रहने के लिए सोशल मीडिया और इंटरनेट का उपयोग भी कर सकते है लेकिन इसका सही उपयोग करने की कोशिश करे।

9) सामाजिक और धार्मिक कार्यो में भाग ले :-

आप खाली समय में सामाजिक और धार्मिक कार्यो में भाग भी ले सकते है। इससे समाज में आपकी मान प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी और आप के मन में ख़ुशी भी होगी।

गरीबो की मदद करे और धर्म से समबन्धित कार्यो में भाग ले। आप अपने मन को शांत और चिंतामुक्त रखने के लिए भजन सुनना, धार्मिक ग्रन्थ पढ़ना आदि काम भी कर सकते है।

यदि आप इन सभी बातो का ध्यान रखेंगे तो अपने अतीत की बातो को याद करके कभी भी दुखी नहीं होंगे और भविष्य की चिंता भी नहीं करेंगे। इसलिए अपने वर्तमान में जीना सीखे और अपने जीवन के एक-एक क्षण का सुखी होकर आनंद ले।


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