चाणक्य की 20 बाते जो आपका जीवन बदल सकती है

चाणक्य की 20 बाते जो आपका जीवन बदल सकती है



कुशल राजनीतिज्ञ और अर्थशास्त्री कहे जाने वाले आचार्य चाणक्य ने अपनी चाणक्य नीति में ऐसी कई बातों का बखान किया है जिससे मनुष्य अपने जीवन में सफलता हासिल कर सकता है | इन नीतियों का पालन करने वाले व्यक्ति को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ता | बल्कि वो विपरीत परिस्थितियों में भी गंभीर रूप से अपने पथ पर आगे बढ़ता है और सफलता के मुकाम को हासिल करता है |

आचार्य चाणक्य ने अपने जीवन में बहुत सी ऐसी बातें कही है जिनका पालन करके कोई भी अपनी जिंदगी में कामयाब बन सकता है चाणक्य हमारे देश के महान पुरुष रहे है जिन्हें आज भी याद किया जाता है| अगर कोई आचार्य चाणक्य की बातों पर अटल रहे तो अवश्य ही अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकता है |

Ø नीति -1

चाणक्य ने सफलता की महक को पाने के लिए असफलता के डर को भगाना बेहद आवश्यक बताया है | वो कहते हैं कि असफलता का डर हावी हो जाने के बाद मनुष्य कभी सफल नहीं हो सकता, साथ ही आपको अपनी प्लानिंग (planning) के बारे में किसी और से बात नहीं करनी चाहिए | इससे सामने वाला आपको नुकसान पहुंचा सकता है |

Ø नीति -2

अपने दोस्त पर आंख बंद करके भरोसा करें | चाणक्य कहते हैं कि मित्र के स्वार्थ की पूर्ति होते ही वो आपको हानि पहुंचाने की प्लानिंग करने लगता है | फिर आपकी मित्रता टूट भी जाती है |

Ø नीति -3

सफलता के लिए अन्न, जल तथा मधुर वाणी को कभी त्यागना नहीं चाहिए | जीवन इसका लिबास आपको सफलता की ऊंचाई तक पहुंचा सकता है | साथ ही आपको डर के ऊपर हावी होने का तरीका आना चाहिए | डर अगर आप पर हावी हो गया तो आप कभी सफल नहीं हो सकते |

Ø नीति -4

आज हर कोई एक दुसरे को निचा दिखाने के लिए एक दुसरे की कमजोरी देखते है जिससे उसे जलील किया जाए | जब हम खुद किसी की कमजोरी छुपा नहीं सकते, तो कोई आपकी कमजोरी कैसे छुपा सकता है | कुछ लोग यही गलती करते है अपने दोस्त या किसी और को अपनी कमजोरी बता देते है जो उन्हें बाद में महंगी पड़ती है इसीलिए चाणक्य के अनुसार अगर आप अपने जीवन में सुखी रहना चाहते है तो कभी किसी को अपनी कमजोरी ना बताएं।

Ø नीति -5

आलसी लोग कभी किसी काम में सफल नहीं हो सकते क्युकी वो किसी काम को मन से नहीं करते, उनका पूरा ध्यान काम करने पर नहीं होता जबकि आलस्य ही असफलता का मुख्य कारण है और अलसी वो ही लोग होते है जो असफल होते है क्युकी सफल लोग किसी भी काम को पूरी लगन और मेहनत से करते है | चाणक्य के अनुसार अगर आप अपने जीवन में सफल होना चाहते है तो आलसी मत बनो तभी आप अपने जीवन में कामयाब हो पाओगे।

Ø नीति -6

अक्सर ऐसा होता है जैसे की आपका दोस्त आपको किसी के खिलाफ भड़का दे और आप उसकी बातो में आकर किसी और से झगडा कर लेते है ये सब आपने नहीं बल्कि आपके दोस्त ने किया है क्युकी आपने खुद ना कुछ देखा और ना कुछ सुना, हो गई बिना बात की लड़ाई, ऐसी बातो से बचने का एक ही तरीका है की किसी की बातों पर विश्वास ना करें सिर्फ उन पर विश्वास करें जो आप देखते और सुनते है तभी आप अच्छा जीवन जी सकते हैं।

Ø नीति -7

किसी से इतना लगाव मत रखो की आप उसके आदि बन जाए और आप उसके बिना रहना भूल जाए, ऐसे बहुत से लोग है जो एक अच्छा दोस्त बना लेते है और धीरे-धीरे उन्हें वो इतना प्यारा लगने लगता है की वो उसके आदि हो जाते है और उसके बिना उनका दिल नहीं लगता | चाणक्य के अनुसार अगर आप अपनी जिंदगी में खुश रहना चाहते है तो खुद को किसी का इतना आदि बनाये की आप उसके बिना रह ही ना पाओ, नहीं तो आप खुद को भूल जाओगे।

Ø नीति -8

अपमानित होकर आप कभी खुश नहीं रह सकते, क्युकी अगर रहेंगे तो लोग आपको खुश नहीं रहने देंगे, क्युकी बदनामी कुछ ऐसी ही होती है चाणक्य के अनुसार अपनी या किसी और की बदनामी करवा कर जीने से मरना अच्छा है | अगर आप अपनी जिंदगी में खुश रहना चाहते है तो कभी किसी और को या खुद को बदनाम ना करें और ना ऐसा कोई काम करे जिससे आप बदनाम हो, कहते है की मौत सिर्फ एक क्षण का कष्ट देती है पर बदनामी हर रोज कष्ट देती हैं।

Ø नीति -9

चाणक्य के अनुसार हमे अपना भूतकाल भूलकर अपने वर्तमान में जीना चाहिए साथ ही भूतकाल को याद करके कभी ना पछतावे सफल लोग सिर्फ वर्तमान में जीते है ना की भविष्य की योजनायें बनाकर, क्युकी भूतकाल यानि आपका कल अब वापस कभी नहीं आएगा, तो अगर आप अपनी जिंदगी में सफलतापूर्वक और खुश रहकर बीताना चाहते है तो भूतकाल गया और भविष्य आने वाले समय को भूल जाए और वर्तमान जो की अभी है सिर्फ उसमे जिओ।

Ø नीति -10

चाणक्य कहते है कि हमें कभी भी मुर्ख लोगो के साथ विवाद नहीं करना चाहिए | मुर्ख लोगो के पास बिलकुल भी समझदारी नहीं होती अगर आप उनसे विवाद करेंगे तो नुकसान आपका ही होगा | ऐसे लोगो के साथ बहस होने पर आपकी इज्जत कम हो जाएगी | ऐसे लोग आपको मानसिक तौर पर कमजोर कर सकते है | मुर्ख लोगो से विवाद से बचना हो तो चुप रहे और अपने विवेक से काम ले | इसलिए कभी भी मुर्ख लोगो से विवाद करे |


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