आपको आपकी जिंदगी से क्या 10 सबक सीखे

आपको आपकी जिंदगी से क्या 10 सबक सीखे

  

ज़िन्दगी हमको बहुत कुछ सीखा देती है क्युकि जिंदगी का नाम ही सीख है| यहाँ हमें हर पल, हर राह पर कुछ ना कुछ सीखने को जरूर मिलता है | मैंने भी अपनी जिंदगी से काफी कुछ सीखा है में आपको केवल 10 सबक बता रही हूँ जो सबसे जरुरी है इसलिए हमको जिंदगी के सिखाए गए सबक से सीख लेनी चाहिए और आगे बढ़ते रहना चाहिए।

आत्मनिर्भरता :- यह पहली सीख हैं जो मुझे जिंदगी से सीखने को मिली थी | हम जब तक दुसरो पर निर्भर रहेंगे कभी कुछ सीख ही नहीं पाएंगे | कभी भी अपने महत्वपूर्ण काम के लिए दुसरो पर निर्भर नहीं होना चाहिए इससे दुसरो को अवसर मिलता है, कार्य सफलता से संपन्न होने की शंका भी लगी रहती है| आत्मनिर्भर व्यक्ति के मुकाबले कोई भी व्यक्ति इतना तेजस्वी एवं दृढ़प्रतिज्ञ नहीं होता |

बोली :- यह दूसरा सबक है जो जिंदगी सिखाती है | इंसान की बोली हमेशा मीठी होना चाहिए और हमेशा उसे सोच समझ कर ही कुछ बोलना चाहिए | कभी कभी हम जल्दबाजी में कुछ ऐसा बोल जाते है जिससे हमें बाद में पछताना पड़ जाता है| क्युकि मुँह से निकले हुए शब्द कभी वापस नहीं लिए जा सकते | हमें हमेशा ध्यान रखना चाहिए की हमारी बातो से कभी किसी की भावनाओ को ठेस पहुंचे |

आज का काम कल पर नहीं छोड़ना :- समय का महत्त्व समझते हुए आज का काम कभी कल पर नहीं छोड़ना चाहिए क्युकि ऐसा करने से उस काम के होने की सम्भावना खत्म हो जाती है | एक सफल इंसान के लिए काम और उसका समय दोनों महत्वपूर्ण होता है, इसलिए आज का काम कभी कल पर नहीं छोड़ना चाहिए | कल किसी ने नहीं देखा होता है | कोई नहीं जानता की उनकी ज़िन्दगी में अगले ही पल क्या होगा |

अनुशासन:- व्यक्ति को समझदार और बुध्दिमान होने से कुछ नहीं मिलता इनके साथ साथ अनुशासन का होना बहुत जरुरी है | अनुशासन का पालन करना सफलता की कुंजी है |

क्रोध पर नियंत्रण :- यह सबक मिलने में समय जरूर लगता है परन्तु यह सबक हमारी जिंदगी की हर सफलता में बड़ा योगदान देता है | एक क्रुद्ध व्यक्ति के सोचने समझने और विचारने की शक्ति शून्य हो जाती हैं | गुस्से की स्थिति की आरम्भिक चरण में ही कुछ गहरी साँसे ले और छोड़े अथवा थोडा पानी पीए तो तत्कालीन स्थिति में स्वयं के गुस्से को रोक सकते हैं | रात को पूरी नींद ले, कई बार नींद में खलल या कम नींद के कारण भी स्वभाव में चिड़चिड़ापन बढ़ने लगता है और हम छोटी बड़ी बातों पर गुस्सा करने लगते हैं | क्रोध में कभी कोई निर्णय ना ले बाद में पछताने से कोई फायदा नहीं होगा |.

गलतियों से सीख :- कहते है इंसान गलतियों का पुतला होता है | लेकिन एक सफल इंसान वही है जो समय-समय पर अपनी गलतियों से सीख लेता है | कोई हमें अगर हमरी गलती बताता है तो उसे ध्यान पूर्वक सुनना चाहिए, सबक लेना चाहिए और उसे दोहराना नहीं चाहिए | गलतियां जीवन का हिस्सा है, उसे स्वीकारे और आगे बढ़ जाए |

मन की आवाज सुने :- जीवन में हमेशा हमें अपने मन की आवाज सुनना चाहिए | वह झूठ नहीं बोलती है ना धोखा देती है | दुसरो की बात बेशक सुनने में अच्छी तो बहोत लगती है पर सच नहीं होता है उन बातो में परिस्थितिया बिगड़ जाती है तब मन की बात ही साथ देती है और हर परिस्थितियों से लड़ने का सहस देती है | किसी भी डर पर काबू हम मन की सुनकर ही कर सकते है

माता-पिता की बात को प्राथमिकता दे :- माता-पिता की बात को हमेशा प्राथमिकता देना चाहिए क्युकि वही हमारे प्रथम शुभ चिंतक होते है और वो आपका कभी बुरा नहीं कहेंगे उनका बहुत बड़ा अनुभव होता है जिससे वह हमारा पथ प्रदर्शक करते है

हर सिक्के के दोनों पहलु को समझे :- इंसान अच्छा भी होता है और बुरा भी | कोई भी निर्णय लेने से पहले दोनों पहलुओं को ध्यान से देख कर विचार करके विवेक का परिचय देना चाहिए जल्दवाजी में लिए गया हमारा फैसला गलत भी हो सकता है |

सकारात्मक सोच रखे :- जब भी हमारे मन में नकारात्मक भाव जाते है वही से काम ख़राब होना शुरू हो जाता है इसलिए हमें सोच सकारात्मक रखनी चाहिए | एक तरफ नकारात्मक विचार हमे घोर अंधकार में धकेल सकते हैं वहीं दूसरी तरफ सकारात्मक सोच हमें असफलता के अंधकार से निकाल सकती हैं l

सकारात्मक सोच में बहुत शक्ति होती है और यह सोच आपके अंदर उर्जा का संचार करती है l


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