आत्म सम्मान को बढ़ाने के उपाय

आत्म सम्मान को बढ़ाने के उपाय

  

आत्म सम्मान उस विश्वास को कहा जाता है जो आप खुद पर करते हैं और पूरी दुनिया को दिखाते है। दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है कि आत्मसम्मान उस विश्वास को कहा जा सकता है जो आप किसी काम को करने में उपयोग करते हैं। आप स्वयं यह निश्चित करते हैं कि किसी कार्य को करने में आप कितने सक्षम हैं और आप अपनी भावनाओ पर कैसे नियंत्रण करते हैं।

आत्म सम्मान मनोविज्ञान में उपयोग किया जाने वाला एक शब्द है जो व्यक्ति की भावनाओं को दर्शाता है। यह आपके प्रति एक दृढ नजरिया और दृष्टिकोण है। आत्म सम्मान की भी जीत, हार, निराशा, ख़ुशी, गर्व और शर्म आदि की तरह भावनाएं होती हैं। आत्मसम्मान की सही पहचान नहीं होने से आपकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ ख़राब हो सकती है। लेकिन इस स्थिति से बचने के लिए बहुत से उपाय हैं जिन्हे आप उपयोग कर सकते हैं।

ऐसे ही कुछ उपाय आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताये गए है –

1) हीन भावना को छोड़ दे :-

हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि इस दुनिया में पूर्ण कोई भी नहीं होता है। इसलिए अपने मन में हीन भावना को बिल्कुल नहीं आने दे। हीन भावना हमारे मन की ऐसी भावना है जो हमारे मन में अपने प्रति विश्वास कम होने पर आती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि या तो हम किसी चीज की कमी महसूस करते है अथवा हम अपने आप को किसी व्यक्ति से छोटा समझने लगते है।

जैसे यदि हम किसी काम को अच्छी तरह से नहीं कर पाते है तो हमें यह लगने लगता है कि हमें कुछ भी नहीं आता है। इसका प्रभाव हमारे दूसरे कई कामो पर भी पड़ता है और हमारे आत्म सम्मान में कमी आने लगती है। इसलिए आज और अभी हीन भावना को छोड़कर अपना आत्मसम्मान बढ़ाये।

2) हमेशा सहज रहे :-

हमेशा सहज रहे। किसी भी बात पर बिना सोच विचार के तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दे। किसी भी बात के लिए ना तो बहुत अधिक खुश हो और ना ही दुखी हो। किसी भी बात से परेशान नहीं हो और समस्या आने पर उसे शांत दिमाग से हल करने की कोशिश करें। सभी लोगों के साथ मिलजुल कर रहे और हमेशा मुस्कुराते रहे।

अपने मन में कभी भी नकारात्मक विचार नहीं आने दे। अपने प्रयासों से सफलता प्राप्त करने की लगातार कोशिश करते रहे। अपने आप को स्थिति के अनुसार ढालने की कोशिश करें। मन में ईर्ष्या और द्वेष न रखे और न ही किसी बात पर तुरंत क्रोध करे। इस प्रकार आप सभी परेशानियों से बच जाएंगे और लोगो का आपके प्रति और आपका अपने प्रति सम्मान भी बढ़ेगा।

3) अवसर बनाये:-

जब आपके मन में अपने प्रति सम्मान की भावना कम हो तो अपने दिमाग को खुला रखें। अपने आसपास आगे बढ़ने के अवसर ढूंढे। यदि अवसर कम हो तो अवसर बनाने की भी कोशिश करें। सोच समझकर रिस्क ले क्योंकि जब तक आप भी रिस्क नहीं लेंगे तब तक आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे और आपका अपने प्रति सम्मान भी नहीं पड़ेगा।

ऐसे कार्यों को भी करने की कोशिश करें जो कठिन होते हैं और चुनौतियों से कभी भी नहीं घबराए। यदि आप ऐसे किसी काम को करने में सफल हो जाते हैं तो सभी लोग आप की प्रशंसा करेंगे और आपको भी अपने आप पर गर्व महसूस होगा। इससे आत्मसम्मान के साथ साथ आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

4) नहीं कहना सीखे :-

यदि आप में आत्मविश्वास की कमी है और आप किसी से अधिक बात नहीं करते हैं तो कुछ लोग इस बात का गलत फायदा भी उठा सकते हैं। इसलिए लोगों को ना कहना भी सीखें क्योंकि कई बार लोग आपको ऐसे काम भी दे देते हैं जो आपके लायक नहीं होते हैं और आपके लिए उसे करना कठिन होता है।

इससे आपका आत्मविश्वास और भी कमजोर हो जाता है। ऐसे लोगों से दूर रहने की कोशिश करें और यदि ऐसा करना संभव नहीं हो तो उन्हें विनम्रता पूर्वक मना कर दे। ऐसा करने से उन्हें बुरा भी नहीं लगेगा और आप भी परेशान होने से बच जाएंगे।

5) अधिक तुलना नहीं करे :-

तूलना करना मनुष्य की प्रवृत्ति होती है। यदि आप किसी से अपने कार्य और अपने परिणाम की तुलना करते हैं तो आप अपना आत्म सम्मान स्वयं कम कर देते हैं क्योंकि आप अपने आप को किसी दूसरे से कमजोर मानने लगते हैं। तुलना करने से मन में नकारात्मक विचार आते हैं। इससे हमारी मानसिक स्थिति, हमारे तनाव और हमारे विश्वास पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

इसकी जगह हमें अपने प्रयासों के लिए अपने आप की तारीफ करना चाहिए कि इस प्रकार की कठिन परिस्थितियों में भी हमने डटकर मुकाबला किया और हार नहीं मानी। यदि हम ऐसा सोचेंगे तो हमारा आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और हमारे मन में आत्मसम्मान की भावना आएगी।

यदि हमें आत्म सम्मान बढ़ाना है तो सबसे पहले सच को स्वीकार करें और अपने आप को पहचाने कि आप कठिन परिस्थितियों का सामना किस प्रकार करते हैं। उसी के अनुसार अपने आप में और अपने आस पास परिवर्तन करने की कोशिश करे। यदि आप अपने आप को मोटीवेट करेंगे तो इससे अच्छी बात और कुछ भी नहीं होगी क्योंकि इसमें ही आपका आत्मविश्वास और आत्मसम्मान छिपा हुआ है।


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