आइए साक्षात्कार के डर को भगाएं

आइए साक्षात्कार के डर को भगाएं

  

नमस्कार पाठकों !

आशा है कि आप सब ठीक होंगे और अपने कामों में व्यस्त होंगे। यूँ तो हमारी कोशिश हमेशा यही होती है कि अपने प्रत्येक लेख से हम पाठकों की सभी श्रेणी को संतुष्ट एवं आनंदित करें, किंतु आज का लेख खास तौर पर हमारे कुछ मित्रों के लिए है।

हमारे पाठकों की सूची में जितने युवा मित्र हैं, आज का यह लेख उन सभी के लिए बहुत खास होने वाला है क्योंकि आज की चर्चा खास तौर पर युवाओं एवं उनके करियर से जुड़े एक महत्वपूर्ण विषय पर समर्पित है।

मित्रों, आजकल युवा पढ़ाई एवं करियर को लेकर बहुत जागरूक हैं । हर कोई अपने क्षेत्र में बेहतर से बेहतर प्रदर्शन करना चाहता है। इसके लिए युवा कॉलेज के दिनों में जमकर पढ़ाई करते हैं और अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार बेहतरीन जॉब पानी की तलाश में होते हैं।

लेकिन नौकरी मिलना इतना आसान भी नहीं है। आज के जमाने में अधिक युवाओं का इस क्षेत्र में संलग्न होना और नौकरी में सीमित पदों पर असीमित दावेदारी के कारण प्रतियोगिता बहुत अधिक बढ़ गई है।
एक तरफ आप की शैक्षणिक योग्यता बेहतरीन होनी चाहिए, तो दूसरी तरफ आपकी पर्सनालिटी, आपका व्यवहार, आत्मविश्वास इत्यादि जैसे कई सारी गुण भी आप में विद्यमान होने चाहिए।

किसी जॉब को पाने के लिए आप में बेहतर कौशल एवं योग्यता होना जरूरी है तभी जाकर आप खुद को दूसरों से श्रेष्ठ साबित कर पाते हैं और नौकरी पर अपनी दावेदारी सिद्ध कर पाते हैं। नौकरी पाने के क्रम में भी सबसे कठिन चरण जो होता है वह है साक्षात्कार का चरण। यही वह समय है जहां कई सारे युवा योग्यता होने के बावजूद भी नौकरी पाने में असफल रह जाते हैं।

इसका कारण यह है कि साक्षात्कार केवल आपकी शिक्षा की परीक्षा नहीं लेता, बल्कि वह आपके संपूर्ण व्यक्तित्व का परीक्षण करता है। चाहे वह आपके बोलने का ढंग हो, भाषा से जुड़े कौशल हो, चलने, बैठने का तरीका, रहन सहन, पहनावा, आत्मविश्वास, इन सभी चीजों की जांच परख की जाती है और तब जाकर नौकरी के लिए एक योग्य उम्मीदवार का चुनाव किया जाता है।

ऐसी स्थिति में कई सारे युवा साक्षात्कार को लेकर संशय में रहते हैं और मार्गदर्शन की अपेक्षा करते हैं। यदि आप भी उन लोगों में से एक हैं जो अपने आने वाले साक्षात्कार के लिए मार्गदर्शन चाहते हैं और ऐसे परामर्श चाहते हैं जो निश्चित ही आपको साक्षात्कार में सफल बनाएंगे, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं।

जी हां मित्रों!

आज की चर्चा में हम केवल साक्षात्कार और इससे जुड़े पहलुओं की बात करेंगे ताकि आप इस क्षेत्र में खुद को बेहतर बना सके और अपने आगामी साक्षात्कार में सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार सिद्ध हो सके।

तो देर किस बात की?

अभी के अभी अपने मन से सभी संशयों को निकाल दें और हमारे साथ इस लेख में आगे बढ़ कर अपनी सभी शंकाओं का समाधान पाएं । तो आइए जानते हैं कि वह क्या खूबियां है जिनकी साक्षात कर्ताओं को तलाश होती है और अपने आगामी साक्षात्कारों के लिए आपको किस प्रकार की तैयारी करनी पड़ेगी:

सबसे पहला कदम : एक प्रभावशाली सीवी

किसी भी मुकाम तक पहुंचने के लिए परिश्रम अति आवश्यक है। लेकिन केवल परिश्रम से काम चलने वाला नहीं है। आजकल का जमाना स्मार्ट वर्क का है और इसी स्मार्ट वर्क का हिस्सा है एक ऐसी सीवी, जिसे देखते ही साक्षात कर्ता प्रभावित हो जाएं।

मित्रों, किसी भी साक्षात्कार में आपके अन्य गुणों से पहले आप की शैक्षणिक योग्यता की जांच की जाएगी। सबसे पहले यह देखा जाता है कि आपने जिस पद पर अपनी दावेदारी दी है, क्या आप उस पद के योग्य है भी या नहीं?

ऐसे में आपको साक्षात कर्ताओं को बताना होगा कि आप इस नौकरी के लिए सबसे अच्छे उम्मीदवार हैं। पर आप ऐसा करेंगे कैसे?

इसका जवाब बहुत सरल है। अपने बारे में जानकारियां प्रदान करने के लिए आपको अपनी सीवी जिससे रिज़्यूमे अथवा बायोडाटा भी कहते हैं, उसे बहुत प्रभावी ढंग से तैयार करना होगा।

यह वह पहला तरीका है जिससे आप साक्षात कर्ताओं को प्रसन्न और प्रभावित कर सकते हैं। कई लोग सीवी बनाने में भूल कर जाते हैं जिसके कारण योग्यता होने के बावजूद भी उनका बायोडाटा साक्षात कर्ताओं को संतुष्ट नहीं कर पाता है।

आपको यहां बुद्धिमता से काम लेना होगा और अपने बायोडाटा में अपनी योग्यता का सर्वश्रेष्ठ है प्रमाण देना होगा। इसके लिए आप कुछ सुझावों को अपना सकते हैं, जो कि निम्नलिखित हैं :

● अपने सीवी को अत्यधिक लंबा ना करें, बातें टू द प्वाइंट होनी चाहिए और आसानी से पढ़ने योग्य होनी चाहिए।

● आपकी सीवी में जो भी अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु है, उन्हें हाईलाइट करना ना भूलें, ताकि साक्षात कर्ताओं की नजर से वह बिंदु किसी प्रकार छूट ना पाए। यह बिंदु आपके द्वारा की गई कोई इंटर्नशिप हो सकती है या फिर कोई सर्टिफिकेट हो सकता है।

● अपनी सीवी को प्रभावशाली बनाने के लिए उसमें अपने पूर्व के अनुभवों को जरूर लिखें। आपने पहले कहां-कहां कार्य किया है और आपको कितना अनुभव है, यह सभी चीज़ें अत्यंत महत्व रखती है क्योंकि यह साक्षात कर्ताओं को आश्वासन देता है कि आप जिस काम के लिए चुने जा रहे हैं, उस काम को आप अच्छे ढंग से जानते हैं।

● स्कूल एवं कॉलेज में प्राप्त अंकों को लिखने का सबसे बढ़िया तरीका है उन्हें टेबल के रूप में लिखना। इसीलिए एक टेबल बनाएं और उसमें अपने स्कूल एवं कॉलेज का नाम, प्राप्तांक, पास करने का साल इत्यादि सभी लिखे। यह पढ़ने में आसान और देखने में सुंदर होता है।

इस प्रकार से यदि आप अपनी सीवी तैयार करते हैं तो निश्चय ही आप किसी पर भी अधिक प्रभाव छोड़ने में सफल होंगे।

आत्मविश्वास है सबसे बड़ी कुंजी :

"सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी आत्मविश्वास का होना है, और आत्मविश्वास की एक महत्वपूर्ण कुंजी तैयारी का होना है।”


मित्रों, आत्मविश्वास वह गुण है जो सिर्फ साक्षात्कार में ही नहीं, बल्कि आपके जीवन के हर पहलू के लिए सबसे आवश्यक है। यदि बात साक्षात्कार की करें तो हर कंपनी और हर साक्षात कर्ता सबसे पहले उम्मीदवार के आत्मविश्वास का परीक्षण करता है क्योंकि आत्मविश्वास से ही आप कंपनी एवं उपभोक्ताओं पर गहरा प्रभाव छोड़ने में सक्षम हो सकते हैं।

इसके साथ ही आत्मविश्वास के बल पर ही आप मुश्किलों का समाधान भी आसानी से ढूंढ सकते हैं। यह आपकी योग्यता और उपलब्धियों का आईना होता है। इसके महत्व को इस बात से समझ सकते हैं कि सभी योग्यता होने के बाद भी आत्मविश्वास की कमी के कारण लोग छांट दिए जाते हैं।

यहां तक कि यदि आप कुछ प्रश्नों के जवाब नहीं जानते हैं, किंतु पूरे आत्मविश्वास से "नहीं" शब्द कहते हैं, तो यह भी आपके लिए एक सकारात्मक बिंदु बन जाता है।
जी हां मित्रों, यह है आत्मविश्वास की शक्ति।

तो आइए जाने की साक्षात्कार के दौरान या इससे पहले किस प्रकार आप अपने आत्मविश्वास को बुलंद कर सकते हैं :

● स्वयं पर विश्वास रखें।

यह आत्मविश्वास विकसित करने की सबसे जरूरी शर्त है। एक ऐसा व्यक्ति जो स्वयं की योग्यताओं पर शंकित रहता है उसके अंदर आत्मविश्वास कभी नहीं आ सकता। आत्मविश्वास का अर्थ ही है स्वयं पर विश्वास। इसीलिए सर्वप्रथम अपनी योग्यताओं पर भरोसा करें और खुद से कहें कि " मैं यह कर सकता हूं"। याद रखें :

"योग्यता का मतलब है आत्मविश्वास ! आपको दूसरों द्वारा स्वीकार किए जाने की आवश्यकता नहीं है। आपको खुद को स्वीकार करने की आवश्यकता है।”

● आत्मविश्वास और डर दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं, या फिर यह कहे कि यह दोनों ही एक दूसरे के शत्रु हैं।

जहां डर होता है, वहां आत्मविश्वास नहीं होता और जहां आत्मविश्वास है, वहां डर हो ही नहीं सकता। इसीलिए अपने मन के अंदर से साक्षात्कार के इस डर को बाहर निकाले। याद रखें मित्रों, आपने इस साक्षात्कार में बैठने के लिए कई सालों तक पढ़ाई की है और उपयुक्त योग्यता हासिल की है। आप में योग्यता है तभी आप यहां तक पहुंच पाए हैं। यह अवसर आपको किसी की अनुकंपा पर प्राप्त नहीं हुआ है।

इसीलिए आप साक्षात्कार में बैठने और नौकरी पाने के सही हकदार हैं। अतः यहां तक पहुंच पानी के अपने सफर की इज्जत करें । आपको किसी का डर नहीं होना चाहिए और इसी भावना के साथ निश्चिंत और निर्भीक होकर आत्मविश्वास से साक्षात्कार दे। आप देखेंगे कि आप काफी बेहतर प्रदर्शन कर पाए हैं।

● यदि आपको किसी प्रश्न का उत्तर मालूम नहीं हो तो इस कारण से अपने आत्मविश्वास को नीचे ना जाने दें।

आवश्यक नहीं है कि साक्षात कर्ताओं द्वारा पूछे गए हर प्रश्न का जवाब आपको मालूम हो। कुछ ना कुछ कमी हर व्यक्ति में होती है। इसका तात्पर्य यह नहीं है कि आप साक्षात्कार में उत्तीर्ण नहीं हो पाएंगे।
इसीलिए यदि आप किसी प्रश्न का जवाब नहीं जानते हैं तो निर्भीक होकर नहीं बोलना सीखे।
“यदि आपके पास आत्मविश्वास हैं तो आपने आधी बाज़ी खेलने से पहले ही जीत ली।”

● आई कांटेक्ट करना सीखें

जब आप बात कर रहे हो तब आप अपने सामने बैठे व्यक्ति से आई कांटेक्ट कर बेहतर संचार स्थापित कर सकें। ऐसा करने से ना सिर्फ आपकी झिझक दूर होगी, बल्कि साक्षात कर्ताओं को भी यह आश्वासन मिलेगा कि आप एक आत्मविश्वासी उम्मीदवार हैं।

● आत्मविश्वास का गुण व्यक्ति में ऊर्जा और सकारात्मकता के प्रवाह को बढ़ाता है।

एक आत्मविश्वासी व्यक्ति के माथे पर तेज और होठों पर मुस्कान होती है। साक्षात्कार के दौरान अत्यधिक गंभीर ना हो, बल्कि अपने होठों पर थोड़ी सी मुस्कुराहट रखें ताकि ऐसा लगे कि आप घबराए हुए नहीं है। किंतु इसका अर्थ यह भी नहीं है कि आप हर समय मुस्कुराते ही रहे।

गंभीरता और मुस्कुराहट दोनों के बीच समन्वय एवं संतुलन होना चाहिए। इसके साथ ही ऐसा करने से साक्षातकर्ताओं तक यह संदेश पहुंचेगा की आप विनम्र स्वभाव एवं हंसमुख व्यवहार के व्यक्ति हैं, एक ऐसा व्यक्ति जो हर किसी की पसंद होता है।

इन सभी उपायों को अपनाकर निश्चित है आप अपने आत्मविश्वास में एक अभूतपूर्व वृद्धि महसूस करेंगे।

वेशभूषा का रखें खास ख्याल

मित्रों, साक्षात्कार कक्ष में अंदर जाते ही सबसे पहली चीज जिस का अवलोकन किया जाएगा वह है आप की वेशभूषा। आपने किस प्रकार के कपड़े पहने हैं, वह इस मौके के लिए उपयुक्त है अथवा नहीं, आप साफ-सुथरे नजर आ रहे हैं या नहीं, आपके बाल - नाखून इत्यादि साफ है या नहीं, यहां तक कि आपके जूतों तक भी उनकी नजर जाने वाली है।

जाहिर सी बात है कि किसी भी कंपनी में काम करने के लिए यह अति आवश्यक है कि आप की वेशभूषा सुंदर और साफ होनी चाहिए। अपनी वेशभूषा से साक्षात कर्ताओं को प्रभावित करने के लिए आप इन बातों का ध्यान रखें :

क्योंकि साक्षात्कार एक औपचारिक भेंट है , इसीलिए आप मौके के हिसाब से कपड़ों का चयन करें। कुछ औपचारिक पहन कर जाना ही सही है, जैसे लड़कियां साड़ी अथवा कोट और पैंट पहन सकती हैं, लड़के भी शर्ट अथवा कोट पहन सकते हैं।

आपके कपड़ों पर अच्छी तरह से स्त्री होनी चाहिए, अर्थात वह कहीं से मुड़े हुए या सिकुड़े हुए नहीं लगने चाहिए। कपड़े साफ और खुशबूदार होने चाहिए और सबसे जरूरी बात की आप जो भी पहन रहे हैं, आप उस में खुद को सहज महसूस करें। अत्यधिक टाइट या अत्यधिक ढीले कपड़े ना पहनें।

साक्षात्कार में जाने से पहले अपने बालों एवं नाखूनों को अच्छी तरह से साफ करें। अपने बालों को अच्छी तरह से बांध ले ताकि वह आपके चेहरे पर ना आए जिससे आपका ध्यान दूसरी तरफ केंद्रित ना हो।

अपने जूतों को अच्छी तरह से पॉलिश करें और उन पर धूल ना लगने दे।

अपनी सभी जरूरी कागजात को बकायदा फाइल्स में अच्छी तरह से लगा कर रखें ताकि जरूरत पड़ने पर आप एक ही बार में उन्हें बिना बिखेरे निकाल सकें।

निष्कर्ष :
हां तो पाठकों, यह था आज का लेख जो बहुत रोचक और ज्ञानवर्धक था। इस लेख के माध्यम से हमने उन सभी पहलुओं के महत्व को उजागर करने की कोशिश की है जिसे अक्सर लोग अनदेखा कर देते हैं।
मित्रों, पहले की तुलना में आज स्थिति काफी बदल चुकी है। वर्तमान समय में हर स्थान पर आपके संपूर्ण व्यक्तित्व का कड़ा परीक्षण किया जाता हैं। ऐसे में आपकी शैक्षणिक योग्यता के अलावा अन्य कौशलों का महत्व भी उतना ही अधिक है।

ऐसा न हो कि जिन चीजों को आपने गैरजरूरी समझकर अनदेखा कर दिया हो, साक्षात कर्ताओं ने उसी चीज पर सबसे अधिक ध्यान दिया हो। ऐसे में आप संकट में फंस सकते हैं और आपकी उत्तीर्णता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

ऐसे में जरूरी है कि आप हर छोटी से छोटी चीज़ पर भी बहुत ध्यान दें। तभी जाकर आप सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार सिद्ध हो सकते हैं। मित्रों, आज की चर्चा का उद्देश्य एक तरफ आपको साक्षात्कार से जुड़ी जानकारियों से अवगत कराना था, तो वहीं दूसरी तरफ इसका उद्देश्य आपके मन से साक्षात्कार के डर को भगाना भी था।

अब जब आप छोटी से छोटी पहलुओं को भी समझ चुके हैं, तो हम आशा करते हैं कि आप में इतना आत्मविश्वास आ चुका होगा कि आप के अंदर से डर भाग गया होगा।

अतः अपने आगामी साक्षात्कार के लिए कमर कस लें और लेख में बताए गए सुझावों के अनुरूप अपनी तैयारी प्रारंभ कर दें, ताकि इस बार आप का चयन पक्का हो। आगामी साक्षात्कारों के लिए हमारी ढेर सारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं। यदि इस लेख से जुड़े कोई राय आपके मन में हो अथवा साक्षात्कार से जुड़े कुछ प्रश्न या टिप्पणीयां आप हमारे साथ बांटना चाहे तो अपनी राय को खुलकर हमारे साथ साझा करें।


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