असफलताओं से कैसे लड़ें

असफलताओं से कैसे लड़ें

  

सफलता किसकी चाहत नहीं होती? परंतु जीवन के किसी न किसी मोड़ पर हमें असफलताओं से दो-चार होना ही पड़ता है। असफलता चाहे बड़ी हो या छोटी, निराशा अवश्य होती है।

लेकिन जरूरत है इस वक्त खुद को संभाल कर असफलता से लड़ने और एक बार फिर सफलता की ओर अपने कदम बढ़ाने की। यदि आप भी कभी असफल हुए हो तो मन में नए उत्साह के साथ असफलता से सफलता की ओर जाने के इस सफर में हमारे साथ चलिए।

यह लेख केवल आपके लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए उपयोगी साबित होगा जो अपने जीवन में असफलता से दो-चार होने के बाद हार मानकर बैठे हैं। इस लेख को पढ़ने के बाद आप अपने किसी मित्र, किसी रिश्तेदार, किसी प्रिय जन, जो कि निराशा के सागर में डूबे हैं, उनका मार्गदर्शन कर पाएंगे।

इस सफर में हमारे साथी होंगे - धैर्य, अनुशासन और सकारात्मक नजरिया। तो चलिए इस लेख की शुरुआत करें और जानें कि असफलता में सफलता की जड़े किस तरह लिपटी होती हैं।

☸ धैर्य रखें :

असफलता अंत नहीं है, बल्कि यह नई शुरुआत हो सकती है। असफलता अपने साथ सबसे पहले निराशा लेकर आती है। यह निराशा स्पीड ब्रेकर की तरह काम करती है। लेकिन याद रखें, स्पीड ब्रेकर का काम गति को कम करना है, रोकना नहीं । इसीलिए असफलता रूपी स्पीड ब्रेकर हमारी गति को धीमा तो कर सकती है, लेकिन इसे रोक नहीं सकती है।

असफलता से सामना होने पर अपनी कोशिशों पर पूर्ण विराम न लगाएं। यहां आपको बल्ब के आविष्कारक थॉमस अल्वा एडिसन से प्रेरणा लेनी चाहिए। एडिशन बल्ब बनाने के अपने प्रयास में सैकड़ों बार असफल हुए। परंतु अपनी असफलता के सामने घुटने टेकने के बजाय वह हर बार नए उत्साह एवं जोश के साथ फिर जुट जाते थे।

अपनी कोशिशों पर विश्वास रख निराशा के अंधेरे को दूर करके उन्होंने पूरी दुनिया को रोशनी का तोहफा दिया। अर्थात अंततः वह बल्ब बनाने में सफल हुए। इसीलिए धैर्य रखें।

☸ आपसे कहां गलती हुई है, इसका अवलोकन करें :

अक्सर हमारे उद्देश्य, हमारा नजरिया, सब अच्छा होता है। लेकिन फिर भी हम असफल हो जाते हैं। कुछ उद्योग चलते हैं, कुछ बंद हो जाते हैं। कुछ कारोबार सफल होते हैं, पर कुछ असफल रह जाते हैं। कुछ कारोबार के असफल हो जाने का अर्थ यह नहीं है कि व्यवसाय या कारोबार करने का विचार ही गलत था। अवलोकन करें किन गलतियों के कारण आप सफल नहीं हो पाए।

ऐसी कौन सी चीजें है जो सफल लोग करते हैं। लोगों से राय ले। कई सफल व्यक्तियों ने यह स्वीकार किया है कि वह बाकी सफल लोगों के बारे में पढ़ते हैं जिनसे उन्हें मार्गदर्शन प्राप्त होता है। आप भी ऐसा कर सकते हैं।

दुनिया के सफलतम लोगों की जीवनी पढ़ें, और उनकी रणनीतियों को समझने का प्रयास करें। इन नीतियों को अपने प्रयासों में लागू करें ताकि आप अपनी कोशिशों में सफल हो पाए।

☸ खुद पर भरोसा रखें :

बार-बार मिल रही असफलता, अपना शत-प्रतिशत देने के बाद भी अच्छे परिणाम ना मिलना, किसी का भी आत्मविश्वास डगमगा सकती है।

हम सोचने लग सकते हैं कि शायद हमारे अंदर ही कोई कमी है। अपनी क्षमताओं पर से हमारा विश्वास उठने लगता है। और हम सब कुछ छोड़ देने का मन बनाने लग जाते हैं।

मन में इस प्रकार के विचारों का आना स्वाभाविक है। यह मनुष्य की प्रकृति है। लेकिन यहां आपको यह समझना होगा कि असफलता मिलने का मतलब यह नहीं है कि आप में पर्याप्त क्षमता नहीं है। बल्कि असफलता ही वह मार्ग है जिस पर चलकर सफलता मिलती है।

ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जिसने अपने लक्ष्य को पाने के क्रम में सफलता का स्वाद न चखा हो। जिस प्रकार चलना सीखने के लिए गिरना आवश्यक है उसी प्रकार सफलता पाने के लिए असफलता से दो चार होना भी आवश्यक है।

असफलताएं आपको जीवन भर की सीख दे जाती हैं, जो आपको आगे के जीवन में आ रही चुनौतियों को बेहतर ढंग से सुलझाने की प्रेरणा देती है। यदि बात असफलता की आती है तो अब्राहम लिंकन को याद किया जाना चाहिए। लिंकन ने अपने राजनीतिक जीवन में एक या दो नहीं, बल्कि लगातार कई बार हार का सामना किया।

इतने चुनाव हारने के बाद भी अंततः वह अमेरिका के 16 वें राष्ट्रपति बनने में सफल हुए। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उन्हें अपनी क्षमता एवं अपने आप पर पूरा विश्वास था। इसीलिए आपको भी जरूरत है कि आप खुद पर विश्वास रखें और निरंतर आगे बढ़ते रहें।

☸ खुद का ख्याल रखें :

प्रसन्न रहें। मित्रों, आधुनिक विज्ञान यह सिद्ध कर चुका है कि हमारी मानसिक स्थिति का प्रभाव हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। तनाव, अवसाद, हृदय रोग इत्यादि जैसे गंभीर रोगों का प्रवेश द्वार हमारी मानसिक स्थिति ही बनती है।

इसीलिए खुद का ख्याल रखें। हम जैसा अंदर सोचते हैं, वैसा ही हमें बाहर मिलता है। यदि हम मन में असफलता का विचार रखेंगे, तो बाहरी जीवन में सफलता मिलना असंभव है।

इसीलिए यह समझे कि एक असफलता जीवन का अंत नहीं, नई शुरुआत है। इसीलिए खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रखें। अपने मन को सफलता, सुख एवं संपन्नता के विचारों से भर दें।

☸ कभी हार ना माने :

जी हां ! कभी हार न मानें। चाहे परिस्थितियां कितनी भी प्रतिकूल क्यों ना हो जाए, याद रखें आपको हार नहीं माननी है। हो सकता है कि कुछ ही पल के बाद ही सफलता आपके दरवाजे पर आकर खड़ी हो जाए।

ऐसा कभी भी हो सकता है। इसीलिए आपको धैर्य के साथ सफलता का इंतजार करना होगा। हार मान लेना सफलता के प्रवेश द्वार को बंद कर देने जैसा होगा। मशहूर ब्रांड के एफ सी का नाम किसने नहीं सुना होगा। परंतु क्या आपको पता है कि 1008 बार सफल होने के बाद कर्नल हरलैंड सैंडर्स ने 65 वर्ष की उम्र में अद्भुत सफलता पाई?

यह वह उम्र होती है जिसमें सभी रिटायर होने के बारे में सोचते हैं। जरा सोचिए यदि कर्नल ने भी हार मान ली होती और अपनी उम्र को देखते हुए सफल होने के अपने प्रयासों पर पूर्ण विराम लगा दिया होता तो क्या आज वह इतने बड़े ब्रांड के मालिक बन पाते?

किंतु उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कभी हार नहीं मानी और सफलता के द्वारों को खोलते गए। यही कारण है 65 वर्ष की उम्र में भी उन्होंने दुनिया के सफलतम व्यक्तियों की सूची में अपना नाम दर्ज किया।

निष्कर्ष :

तो मित्रों, यह थी वह बातें जिन्हें आप अपनी जिंदगी में इस्तेमाल कर मनचाही सफलता हासिल कर सकते हैं। यह बातें कुछ नई नहीं है। यह बातें बहुत सरलता से समझ में आने वाली बातें हैं।

ज़रूरत है इन्हें अपने जीवन में उतारने की। मित्रों, दुनिया में तीन प्रकार के लोग होते हैं - एक असफल, एक वह जो ना तो असफल होते हैं और ना ही सफल होते हैं, और तीसरे वह जो सफलता हासिल कर के सिर्फ खुद के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया के लिए मिसाल बन जाते हैं।

यहां बिल गेट्स की कही यह बात याद की जानी चाहिए, जहां उन्होंने कहा था -

" सफलता की खुशी मनाना अच्छा है पर उससे भी जरूरी है अपनी असफलता से सबक लेना। "

हर सफल व्यक्ति ने असफलता को रुकावट नहीं, बल्कि मौके के रूप में देखा है। यह उन्हें डराती नहीं, बल्कि नई ऊर्जा देती है। इसीलिए डरें नहीं डटे रहे।

जिंदगी में आप एक न एक दिन जरुर सफलता के शिखर पर पहुंचेंगे। यदि इस पोस्ट से जुड़ी आपके मन में कोई राय है, तो उन्हें हमारे साथ साझा करना ना भूले। हमें आपके सुझावों का बेसब्री से इंतजार रहेगा।


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