अपनी जिंदगी की नींव को कैसे बनायें मजबूत?

अपनी जिंदगी की नींव को कैसे बनायें मजबूत?



मकान दिखने में कितना भी आकर्षक, रंगीन क्यों ना हो, मकान में इमारतें चाहें जितनी ऊँची हों लेकिन मकान का भविष्य और मकान की मजबूती उसकी नींव पर निर्भर करती है | कोई भी मकान सिर्फ उसमे लगने वाली सामग्री से मजबूत नहीं होता है | सबसे पहले जब कोई भी मकान बनता है तब नींव डाली जाती है ताकि उसे एक आधार दे सके और हमारा मकान, घर, फैक्ट्री मंदिर या कोई भी बिल्डिंग लम्बे समय तक हमें सहारा दे सके और हमें परेशान होना पड़े | एक बार नीव मजबूत हो जाती है तो उसपर कितनी भी ऊँची दीवारे बना दो कोई आंधी उसका कुछ नहीं बिगड़ पाएगी | नींव को मजबूत करने के बाद ही उस पर कोई मकान बनाया जाता है क्युकि अगर नींव ही कमजोर रहेगी तो वह मकान का भार नहीं उठा पाएगी | वास्तव में सबसे ज्यादा समय और मेहनत किसी भी माकन की नींव बनाने में ही लगती है क्युकि उसे भविष्य में आने वाली सभी परेशानियों से मजबूत करना होता है ताकि हम उसकी छाँव में सुरक्षित रहे |

अनुभव से सीख लेकर :- यह बात सच है की जो इंसान भारी अनाज की बोरियाँ उठा सकता है वह उन्हें खरीद नहीं सकता है और जो उन्हें खरीद सकता है बो उठा नहीं सकता | इसलिए हमें कभी हमारी परिस्थितियों से हार नहीं मानना चाहिए | हमारी आवश्यकता को समझना चाहिए | नामुमकिन को मुमकिन करने की शक्ति सिर्फ इंसान के पास ही है | परन्तु यह हम एक चीज से ही कर सकते है, अगर हमारी नीव मजबूत है | बरगद का पेड़ हजारो साल तक मजबूती से हर मौसम में हमें छाँव देता रहता है, हर आंधी तूफान से बचते हुए मजबूती से खड़ा रहता है, परोपकार करता रहता है, क्युकि उसकी जड़ मजबूत होती है | इसी तरह हमें जिंदगी में सफल होना है तो हमारी नींव मजबूत होना बहुत जरुरी है नहीं तो हम थोड़ी से परेशानियों में ही हार मान जाएंगे | जिंदगी में अच्छे लोग भी होते है और बुरे लोग भी हमें आने वाली हर मुसीबत के लिए तैयार रहना होगा और हर मुसीबत का सामना करना होगा अगर जीतना है तो |

बचपन की शिक्षा :- मकान की तरह हमारी जिंदगी होती है | बच्चा जब जन्म लेता है उसे घर, से माता-पिता से, गुरु से अच्छे संस्कार दिए जाते है | आत्मनिर्भर बनाया जाता है हमारी जिंदगी में सभी को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है | इसी तूफान से हमें बचने और लड़ने की ताकत बचपन से दी जाती है | बचपन से बच्चो को अच्छे बुरे की शिक्षा दी जाती है ताकि वह जब वास्तविक जीवन में कदम रखे वह मजबूती से हर परेशानी के आगे खड़े रहे और साहस से सामना करे उसका | बच्चो में अनुशासन की नीव डालना सबसे जरुरी है क्युकी इसके बिना हम सफल नहीं हो पाएंगे निर्धारित लक्ष्य नहीं प्राप्त कर पाएंगे | ये जिंदगी तुफानो का बहुत बड़ा बबंडर है, पल-पल पर परीक्षा देना है | बच्चो को नियमित अनुशाशन से पढ़ाई करने की शिक्षा दे, नियमित दिनचर्या रखे, बड़ो का सम्मान करे, दीमग को शांत रखे, कोई भी निर्णय बिना सयम के साथ ना ले | जिंदगी में कुछ भी बड़ा करना है तो आपकी नींव का मजबूत होना बहुत जरुरी है अगर मान लीजिए आप बहुत बड़े व्यावसायी बन गए प्रतिदिन आपको बड़ा हिसाब रखना पड़ेगा परन्तु अगर आपको गिनती ही नहीं आती तो आप कैसे सफल हो पाएंगे उस वक़्त फिर आप खुद को कोसोगे की में उस वक़्त अच्छे से पढ़ाई कर लेता तो आज में सफल हो जाता किसी पर निर्भर नहीं होना पड़ता |

बड़ी सोच और अच्छे भविष्य के सपने :-" हारोगे नहीं तो सीखोगे कैसे और सीखोगे नहीं तो जीतोगे कैसे "इसलिए हमें हर हार से सीखना चाहिए और कर दिखाओ कुछ ऐसा की दुनिया करना चाहे आपके जैसा | कोई भी व्यक्ति रातों रात टाटा बिड़ला नहीं बनता, सबको पहले अपनी नींव मजबूत करनी पड़ती है | उसने हजारो कोशिशे की थी कई बार हारा भी था, गिरा भी था, लड़ा भी था, परन्तु सतत प्रयास और माता-पिता के संस्कार की नींव ने उन्हें हर बार खड़ा करा और आखिर में सफल बना दिया | हम हमारी जिंदगी में चाहे कुछ भी करने के सपने देख ले परन्तु जब तक आपकी नीव मजबूत नहीं है तब तक आप सफल नहीं हो सकते | हमारे देश के प्रधानमंत्री का संघर्ष उनकी परवरिश की नीव से झलकता है चाय बेचने के व्यवसाय से देश को चलाने के सपने तक उन्हें सफलता उनकी मजबूत नीव से ही मिली है | आज भी वह अपने भाषण में कई बार कहते है की में अपनी माँ का ऋणी हु और यह कर्ज में कभी नहीं चुका पहुँगा | जब हमारी स्कूली शिक्षा शुरू होती है तब ही हमें अपनी पढ़ाई के प्रति अनुशासित रहना चाहिए और पूरी ईमानदारी से अपनी पढ़ाई को समय देना चाहिए | हम बच्चो को आधार ज्ञान देते है जो उनके पूरी जिंदगी में काम आता है आप कोई भी कैरियर चुन लीजिये, सबसे पहले उसकी बारीकियों को जानिए, पढाई कीजिए क्युकी यही वह समय होता है | जब नन्ही आँखे सफल होने का सपना देखती है और हमारा कर्त्तव्य है की उन्ही भविष्य के लिए मजबूत बनाये |


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